- अक्सर बुद्धि को व्यक्ति के मस्तिष्क से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन नवीन विज्ञान ने यह बात सिद्ध की है की बुद्धि केवल मस्तिष्क तक ही सीमित नहीं होती है बल्कि शरीर के सभी अंग सोचते है। सकारात्मक बदलाव से व्यक्ति का शरीर खिल जाता है और ताजगी से भर जाता है इससे यह भी पता चलता है की बुद्धि का केंद्र केवल मस्तिष्क ही नहीं बल्कि हमारे शरीर के सारे अंग है। मनुष्य के लिए मानसिक विकास ही काफी नहीं , उसे पुरे शरीर के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
Friday, 14 July 2017
बुद्धि का केंद्र
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
हमे हर दिन चिंतन करने की आदत डालनी चाहिए । अच्छी बातो को सुनने समझने गुनने से मानसिक शारीरिक आद्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। मन मस्तिष्क मजबूत ब...
-
यह अनुमान सही नहीं है की जो सुखी और साधन संपन्न होता है , वह प्रसन्न रहता है। और यह भी जरुरी नहीं है की जो प्रसन्न रहता है वही सुखी और साध...
-
हमारे डर के जन्मदाता स्वयं हम है, इसलिए निर्भय होने की सबसे सहेज विधि है खुद को अलग करके तटस्थता से हर परिस्थिति का सामना करना। जीवन में...
No comments:
Post a Comment