हम जीते तो है, लेकिन किसलिए और क्यों इसके बारे में सोचते तक नहीं । कोई पूछे तो हम चौक कर सोचने जरूर लगते है। लेकिन बहुत सारे ऐसे भी लोग है। जो अपने आस पास के लोगो की समस्याओं से जुड़ते है और सुकून पाते है। यदि तुम सुखी होना चाहते हो तो सबसे पहले अपने आस पास के उनलोगो को देखो जो दुखी है, असांत है परेशान है। उनके पास जाओ और
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हमे हर दिन चिंतन करने की आदत डालनी चाहिए । अच्छी बातो को सुनने समझने गुनने से मानसिक शारीरिक आद्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। मन मस्तिष्क मजबूत ब...
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यह अनुमान सही नहीं है की जो सुखी और साधन संपन्न होता है , वह प्रसन्न रहता है। और यह भी जरुरी नहीं है की जो प्रसन्न रहता है वही सुखी और साध...
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हमारे डर के जन्मदाता स्वयं हम है, इसलिए निर्भय होने की सबसे सहेज विधि है खुद को अलग करके तटस्थता से हर परिस्थिति का सामना करना। जीवन में...
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