दोनों एक दूसरे की न केवल कमिया खोजते है, बल्कि एक दूसरे पर प्रहार भी करते है। जब भी हम संकट में पड़ते है , तो घबराकर हल ढूढ़ने की बजाय किसी और के दरवाज़े पे दस्तक देने लगते है। विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला करना, उन पर आधी विजय हासिल करने जैसा है। जो खुद को साध लेता है वह हर प्रश्न का उत्तर खुद से ही पूछ लेता है । लेकिन इसके लिए स्वयं पर भरोसा
Saturday, 15 July 2017
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
हमे हर दिन चिंतन करने की आदत डालनी चाहिए । अच्छी बातो को सुनने समझने गुनने से मानसिक शारीरिक आद्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। मन मस्तिष्क मजबूत ब...
-
यह अनुमान सही नहीं है की जो सुखी और साधन संपन्न होता है , वह प्रसन्न रहता है। और यह भी जरुरी नहीं है की जो प्रसन्न रहता है वही सुखी और साध...
-
हमारे डर के जन्मदाता स्वयं हम है, इसलिए निर्भय होने की सबसे सहेज विधि है खुद को अलग करके तटस्थता से हर परिस्थिति का सामना करना। जीवन में...
No comments:
Post a Comment